अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, बिहार इकाई के तत्वावधान में शनिवार को पटना के रविन्द्र भवन में सूरवीर एवं दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया
पटना, 23 अप्रैल, 2022। अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, बिहार इकाई के तत्वावधान में शनिवार को पटना के रविन्द्र भवन में सूरवीर एवं दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन सामूहिक रूप से द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया। मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. भीम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता, एएन कॉलेज के प्रिंसिपल एस.पी. शाही, अरविंद महिला कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ. पूनम, भारत सरकार के पूर्व सालिसीटर व पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता जनरल एसडी संजय, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद राजेश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष कुमार आजाद, भाजपा नेता उपेन्द्र चौहान, डॉ. अभ्यानंद सिन्हा, नेरश महतो, अर्जुन गुप्ता एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
समारोह में 51 व्यक्तियों को भामाशाह प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, बुके एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम में बिहार के 42 जिलों के संगठन जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों, विधानसभा संयोजक, संरक्षक मंडल, बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों के सदस्यों एवं बिहार के सक्रिय साथियों समेत हजारों की संख्या में लोग • शामिल हुए। सम्मान पाने वालों में आशीष आदर्श विद्यारतन प्रसाद गुप्ता, वरूण प्रकाश, श्याम बिहारी प्रभाकर, रतन कुमार (असिस्टेंट मैनेजर, आरबीआई), प्रो. विनोद कुमार मंगलम, बासा के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक कुमार सिन्हा, पीके चौधरी, प्रो. संजय कुमार, प्रति कुलपति डॉ. यूपी गुप्ता, डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ. अरूण कुमार भगत, सहाना प्रसाद, राजू बरणवाल एवं अन्य लोगों को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं बिहार के 38 जिलाध्यक्षों में बेस्ट जिलाध्यक्ष को सम्मानित किया गया।
भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि भामाशाह एक महान योद्धा थे। उन्होंने अपना खजाना देकर अकबर के लड़ाई में महाराणा प्रताप का साथ दिया। श्री गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज को आज आवश्यकता है भामाशाह बनने की, जिससे हम लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी जुलाई माह में द्विवार्षिक चुनाव में विधान परिषद की जो सीटें खाली हो रही है, उसमें दो सीट वैश्य समाज को देने का भाजपा से मांग किया। कार्यक्रम में सर्वसम्मति से 3 प्रस्ताव पास किया गया। एनडीए सरकार से मांग किया कि वैश्य के विभिन्न उपजातियों का एक ही जाति प्रमाण पत्र 'वैश्य' करके बनाया जाए, जैसे अन्य जातियों का बनता है। वहीं व्यापारियों के साथ जो घटनाएं घट रही है। उनकी सुरक्षा हेतु शीघ्र ही व्यवसायिक आयोग का गठन किया जाए, जो अन्य प्रदेशों में गठित है। वहीं छोटे-छोटे व्यापारियों की, जो व्यापार में हानि होती है, उसकी भरपायी के लिए सरकारी पेंशन की सुविधा की तरह भी इन्हें भी पेंशन व सहयोग प्रदान किया जाए। प्रस्ताव में पटना के बेली रोड को भामाशाह के नाम पर रोड का नामकरण किया जाए और भामाशाह के जन्मदिन पर सरकारी छुट्टी घोषित किया जाए।
विशिष्ट अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. भीम सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के वैश्यों की भी राजनीति में अधिक से अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज का अधिकाधिक वोट भाजपा के साथ जाती है, इसलिए भाजपा का दायित्व बनता है कि वे वैश्य समाज को मान सम्मान दे।
एएन कॉलेज के प्रिंसिपल एस.पी. शाही ने बुद्धिजीवियों को आह्वान किया कि भामाशाह के विचारों को अपनाना चाहिए और उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने वैश्य समाज के लिए संघर्ष करने के लिए आह्वान किया।
भारत सरकार के पूर्व सालिसीटर व पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता जनरल एसडी संजय ने वैश्य समाज के लोगों को एक मंच पर आकर भाजपा के हाथों को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा एकमात्र पार्टी है, जो वैश्य के हितों की बात करता है।
अरविंद महिला कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ. पूनम ने महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में आने का आह्वान किया। आगे कहा कि जब तक वैश्य समाज की महिला अधिकार के लिए संघर्ष नहीं करेगी, तब तक उचित सम्मान नहीं मिलेगा।
कार्यक्रम में उपेन्द्र चौहान, अभ्यानंद सिन्हा, नरेश महतो, राजेश्वर कुमार राजेश, प्रिंस कुमार आजाद, नागेन्द्र साह, अजय कुमार गुप्ता, डॉ. सुनंदा केशरी, ईरा जायसवाल, एवं अन्य व्यक्तियों ने अपना-अपना विचार रखा। वहीं भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए हॉल में खचाखच भरे लोगों ने संकल्प लिया कि भामाशाह के रास्ते पर चलकर ही हम समाज को सही दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम में पूरे बिहार से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। स्वागत भाषण सुनंदा केशरी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन विवेक हर्ष ने किया।
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