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नालंदा मेडिकल कॉलेज में डेढ़ सौ डॉक्टरों ने की लाइव सर्जरी

नालंदा मेडिकल कॉलेज में डेढ़ सौ डॉक्टरों ने की लाइव सर्जरी


 नालंदा मेडिकल कॉलेज में डेढ़ सौ डॉक्टरों ने की लाइव सर्जरी

- एनएमसीएच के हड्डी रोग और एनाटोमी विभाग द्वारा बीओए के तहत शोल्डर ऑर्थोप्लास्टी कोर्स 2024 का भव्य आयोजन

- देशभर के तीन सौ से अधिक डॉक्टरों ने लिया हिस्सा

- रिवर्स टोटल शाल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी रहा चर्चा का मुख्य विषय


पटना। 

नालंदा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में रविवार को बिहार शोल्डर ऑर्थोप्लास्टी कोर्स 2024 का भव्य आयोजन किया गया। एनएमसीएच के हड्डी रोग और एनाटोमी विभाग द्वारा बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (बीओए) के तहत आयोजित इस कोर्स में तीन सौ से अधिक हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इसमें बिहार के अलावा देश के अन्य राज्यों के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर भी शामिल रहे। कोर्स के दौरान करीब डेड़ सौ डॉक्टरों को कैडेवर (डेड बॉडी) और ड्राई बोन मॉडल पर लाइव सर्जरी करने का मौका मिला।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. बिप्लब दोलुई, डॉ. मनित अरोड़ा और डॉ. प्रियदर्शी अमित ने टोटल शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि रिवर्स टोटल शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी एक विशेष प्रकार की कंधे की सर्जरी होती है। इसमें कंधे के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटा दिया जाता है और उनकी जगह कृत्रिम हिस्से को लगा दिया जाता है। इस प्रकार की सर्जरी का उपयोग उन लोगों के लिए किया जा सकता है जो नियमित रूप से कंधे की रिप्लेसमेंट सर्जरी नहीं करवा सकते हैं या जिनके लिए रिवर्स अप्रोच बेहतर परिणाम दे सकता है।

आयोजनकर्ता सह बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन, पटना के सचिव  डॉ. प्रवीण कुमार साहु ने बताया कि रिवर्स टोटल शोल्डर रिप्लेसमेंट जिसे रिवर्स शोल्डर ऑर्थोप्लास्टी भी कहा जाता है, विशेषज्ञ के द्वारा की जाने वाली सुपरस्पेशियलिटी की सर्जरी है। ऐसी तीन लाइव सर्जरी यहां मुफ्त में की गयी। इस तरह की सर्जरी बिहार में भी होती रही है मगर इसकी संख्या बहुत कम है। इस कोर्स के दौरान देश के तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने यह सर्जरी की जिनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने इस कार्यक्रम में यहां के डॉक्टरों को बहुत कुछ बताया और यहां के डॉक्टरों से भी बहुत बातें जानीं। इस तरह की सर्जरी से यहां के डॉक्टर प्रेरित होंगे और इस सर्जरी को और सुचारू रूप से कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि कोर्स के दौरान एनएमसीएच के ओटी में लाइव सर्जरी की गयी। करीब डेड़ सौ डॉक्टरों को कैडेवरी (डेड बॉडी) और ड्राई बोन मॉडल पर लाइव सर्जरी करने का मौका मिला। डा प्रवीण ने एनएमसीएच में हड्डी रोग के विभागाध्यक्ष डा (प्रो.) रंजीत कुमार सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन उन्हीं के सोच का परिणाम है। उन्हीं ने शोल्डर जैसे विषय को चुना। 

बीओए के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हमें उम्मीद है कि इस कोर्स के माध्यम से डॉक्टर अब कंधे की बीमारियों के इलाज में अधिक कुशल होंगे। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। 

कार्यक्रम में ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. रंजीत सिंह, ऑर्गनाइजिंग सचिव डॉ. अभिषेक दास, डा जॉन मुखोपाध्याय, डा अमूल्य सिंह और साइंटिफिक कमिटी के चेयरमैन डा (प्रो.) ओमप्रकाश कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रोग्राम को नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या ने भी संबोधित किया।

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