बिहार में महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में ओरल कैंसर बड़ी चुनौती, समय पर पहचान पर मेदांता का जोर
पटना, 07 अक्टूबर 2026:बिहार में महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में ओरल कैंसर प्रमुख कैंसरों में शामिल हैं। इन बीमारियों में समय पर पहचान और सही जांच के महत्व को लेकर जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना की ओर से गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल, पटना सिटी में विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्तन कैंसर में स्व-स्तन परीक्षण तथा ओरल कैंसर के शुरुआती संकेतों, जोखिम और समय पर जांच के विषय में जानकारी दी गई।
ओरल कैंसर जागरूकता अभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय ओरल स्क्रीनिंग कैंप में 225 लोगों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के लिए उन्नत एआई-आधारित ओरल स्क्रीनिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे मुंह में संदिग्ध बदलावों और संभावित जोखिम संकेतों की शुरुआती पहचान में सहायता मिली। जिन लोगों में आगे जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें विशेषज्ञ परामर्श की सलाह दी गई।
स्तन कैंसर पर चर्चा करते हुए डॉ. निहारिका रॉय, सीनियर कंसल्टेंट – ब्रेस्ट सर्विसेज, मेदांता पटना ने कहा कि महिलाओं को अपने स्तनों में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव के प्रति जागरूक रहना चाहिए। गांठ, आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव जैसे संकेत दिखने पर उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को स्व-स्तन परीक्षण के सही तरीके की भी जानकारी दी।
डॉ. आकांक्षा प्रसाद, कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेदांता पटना ने ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला, सफेद या लाल धब्बा, गांठ, मुंह कम खुलना अथवा निगलने में परेशानी जैसे संकेतों को टालना नहीं चाहिए। विशेष रूप से तंबाकू सेवन करने वाले लोगों को मुंह में होने वाले बदलावों को लेकर अधिक सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर जांच कराने की सलाह दी।
डॉ. सुधा शंकर राय, सुपरिंटेंडेंट, गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल ने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता और समय पर पहचान की महत्वपूर्ण भूमिका है। अस्पतालों और समुदायों में ऐसे कार्यक्रम लोगों को शुरुआती लक्षण समझने और सही समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
मेदांता पटना द्वारा स्तन कैंसर के लिए ‘आओ, देखो, सीखो’ और ओरल कैंसर के लिए ‘टालो मत, पहचानो’ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत कॉरपोरेट संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और विभिन्न समुदायों में स्वास्थ्य वार्ता, स्क्रीनिंग एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक शुरुआती पहचान और रोकथाम का संदेश पहुंचाया जा रहा है। यह कार्यक्रम भी इसी अभियान की निरंतर कड़ी रहा।
कार्यक्रम में मो. शब्बीर खान, हॉस्पिटल मैनेजर, गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल, डॉ. एस. के. रावत, लायंस क्लब पाटलिपुत्र सेंटेनियल, श्रीमती तारा झुनझुनवाला, अध्यक्ष – मारवाड़ी महिला मोर्चा, श्रीमती रश्मि अरोड़ा, अध्यक्ष – इनर व्हील, सुश्री मीना गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष – मारवाड़ी महिला मोर्चा, श्रीमती पूजा मखारिया, सचिव – मारवाड़ी महिला मोर्चा तथा श्रीमती यामिनी मित्तल, सहायक सचिव – मारवाड़ी महिला मोर्चा सहित विभिन्न सामाजिक एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मेदांता पटना की ओर से कहा गया कि इन दोनों अभियानों का उद्देश्य लोगों में कैंसर का डर पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें ‘लक्षणों को पहचानें, टालें नहीं और समय पर जांच कराएं’ का संदेश देना है। निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अस्पताल स्तन एवं ओरल कैंसर के खिलाफ जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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