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पूर्व रात्रि को 12:00 बजे पादरी की हवेली स्थित महागिरजाघर में प्रभु ईसा मसीह के मृत्यु पर विजय को दर्शाता पर्व ईस्टर की पूजा विधि का आयोजन रखा गया

पूर्व रात्रि को 12:00 बजे पादरी की हवेली स्थित महागिरजाघर में प्रभु ईसा मसीह के मृत्यु पर विजय को दर्शाता पर्व ईस्टर की पूजा विधि का आयोजन रखा गया

 

 दिनांक 17 अप्रैल 2022 की पूर्व रात्रि को 12:00 बजे पादरी की हवेली स्थित महागिरजाघर में प्रभु ईसा मसीह के मृत्यु पर विजय को दर्शाता पर्व ईस्टर की पूजा विधि का आयोजन रखा गया था, जिसमें पल्ली पुरोहित फादर ललित सहायक पुरोहित फादर प्रदीप और फादर प्रवीण ने इस मिस्सा बलिदान को चढ़ाया।पूरे इसाई समुदाय का यह पर्व सबसे बड़ा माना जाता है क्योंकि यह पर्व ईसाई समुदाय की सबसे बड़ी मान्यता जो कि यह है कि प्रभु ईसा मसीह ने क्रूस पर अपने प्राण त्याग कर खुद को तीसरे दिन जीवित किया था पर आधारित है और ईसाई समुदाय उसी क्रूस को अपना सबसे बड़ा विश्वास का आधार स्तंभ मानता हैl






प्रभु ईसा मसीह ने क्रूस पर अपने प्राण त्यागे ताकि मनुष्य जाति अपने पापों से मुक्ति पा सकें और उनका तीसरे दिन जी उठना यह दर्शाता है कि मौत सिर्फ दुनिया के लिए है और प्रभु से मिलाप हमारा लक्ष्य है।इसे सफल बनाने में श्री एंब्रोस पैट्रिक, अभिषेक पैट्रिक,पूजा एन शर्मा, विक्टर अलफोंस,चार्ली अलफोस, माइकल थॉमस, राजेश कुमार, एग्नेस जेरेमी, अजिता कुजुर, अनूप पॉल, रोजमैंड, राजेश अल्फोंस, मदर टेरेसा की धर्म बहने, माता सदा सहायिका की धर्म बहन एवं अन्य लोगो ने अपना योगदान दिया |

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