समर्पित पत्रकार साहित्यकार एवं रंगकर्मी विश्वनाथ शुक्ला "चंचल" पंचतत्व में विलीन
शौर्य/पटना सिटी : वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ शुक्ल चंचल आज पंचतत्व में विलीन हुए. बनारस के सप्ताहिक अखबार आज में डाल डाल के पात व्यंग कॉलम से अपनी धूम मचाने वाले। गौरतलब है कि विश्वनाथ शुक्ल चंचल हिंदुस्तान समाचार पत्र में संवाददाता, समाचार भारती के लिए बिहार के प्रमुख, आत्मकथा, आर्यावर्त, धर्म युग, मंगलदीप, किशोर पत्रिका के साथ-साथ साप्ताहिक रंगवानी और देव प्राण का प्रकाशन और संपादन भी किया। विश्वनाथ शुक्ला चंचल की शव यात्रा में समाज के कई वर्ग के लोग उपस्थित हुए. पटना साहिब गुरुद्वारे में स्व. चंचल जी के आत्मा की शांति के लिए अरदास लगायी गयी. गुरु दरबार में माथा टेकने के बाद शव यात्रा अंतिम संस्कार के लिए पटना सिटी स्थित खाजेकला घाट पर पहुंची. जहाँ समाज के कई प्रबुद्ध लोगों की भीड़ उमड़ी. 1954 से लगातार होली मिलन समारोह के अवसर पर महामूर्ख सम्मेलन तथा शरद पूर्णिमा पर कौमुदी महोत्सव का आयोजन इनका प्रमुख था. इस कारण साहित्यकार और रंगमंच से जुड़े लोग भी घाट पर उपस्थित हुए. चंचल जी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए. चंचल जी के बड़े बेटे रजनीकांत शुक्ला आज अखबार, रविकांत शुक्ला राष्ट्रीय सहारा में आज भी अपनी पत्रकारिता की लौ जला रहे हैं. प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया के कई पत्रकार उक्त समय पर मौजूद थे. स्व. चंचल जी को कनिष्ठ सुपुत्र मधुकांत शुक्ला ने मुख़ागनी दी.
वहीं शव यात्रा में छोटी पटन देवी के आचार्य अभिषेक अनन्त द्विवेदी, बाबा विवेक द्विवेदी, निवर्तमान पार्षद मुन्ना जायसवाल, परमहंस तिवारी, डॉ. विनोद अवस्थी, गोविंद कनोडिया, राकेश कपूर, सरदार चरण सिंह, नरेंद्र मिश्रा, निशिकांत शुक्ला, डॉ राजीव गंगौल, राजकुमार नाहर, डॉक्टर संतोष मिश्रा, भोला पासवान, आलोक चोपड़ा, संजय राय, प्रभात जायसवाल, परवेज अहमद, सुजीत कसेरा, प्रमोद सिन्हा, अभय जायसवाल, नवीन रस्तोगी, कुमार दिनेश, अनिल रश्मि, सरदार विल्लू सिंह, सतीश बरेड़िया, लल्लू शर्मा के साथ कई लोगों ने अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी.
0 Response to "समर्पित पत्रकार साहित्यकार एवं रंगकर्मी विश्वनाथ शुक्ला "चंचल" पंचतत्व में विलीन"
एक टिप्पणी भेजें